Description
लक्षण, ईलाज और सलाह
- कबूतर के पंख पतले और कमजोर होंगे तो वह लंबे , लचीले और चोड़े आएंगे।
- अंडे न देने की समस्या ठीक हो जाएगी।
- कबूतर और छोटे पक्षी के अंडे से बचचे नहीं निकलने की समस्या ठीक हो जाएगी।
- कबूतर के बच्चे और छोटी पक्षीयों की कमजोरी ठीक हो जाएगी।
- बच्चों को पालने के बाद कबूतर और पक्षीयों के कमजोर होने की समस्या ठीक हो जाएगी।
- कबूतर और छोटे पक्षी के अंडे की प्रजनन संबंधी समस्याएं ठीक हो जाएगी।
- ब्रीडर कबूतरों के पंखों पर गांठ बनने में कमी आएगी ओर ठीक हो जाएगी।
- ब्रीडर कबूतरों और छोटे पक्षियों में खून की कमी पूरी हो जाएगी।
- कबूतर और छोटे पक्षीयों में रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ेगी।
- इन दवाओं के सेवन से पैदा हुए कबूतरों के बच्चे दूसरों की तुलना में अधिक परवाज़ करेंगे।
- इससे प्रजनन प्रक्रिया में भी सुधार होगा।
- इनसे ब्रीडर कबूतर और पक्षीयों की सभी कमियां दूर हो जाएंगी।
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दवाओं की खुराक और उन्हें कैसे और कब देना है।
कबूतर के लिए खुराक:-
कबूतरों को सप्ताह में तीन या चार दिन पानी में इन दवाओं को खिलाएं। डायनेमिज्म 2.एमएल, जेस्ट ग्रोइंग 2.एमएल, बुलिट बोनी 2.एमएल, मैच्योरिटी वाइगर 2.एमएल पीने के पानी में मिलाकर प्रजनन के समय हर रोज पिलाएं।
तोते, लव वरड, छोटी चिड़िया के लिए खुराक:-
1. मि.ली. डायनेमिज्म, जेस्ट ग्रोइंग, बुलिट बोनी और मेच्योरिटी वाइगर को पीने के पानी में मिलाकर प्रजनन के समय हर रोज पिलाएं।
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